आजादी के अम्रत महोत्सव बर्ष पर पीएम मोदी का लाल किले की प्राचीर से नया नारा ‘जय जवान-जय अनुसंधान ।

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वतंत्रता दिवस के मौके पर राजधानी दिल्ली स्थित लाल किले की प्रचीर से राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा (Tiranga) फहराने के बाद राष्ट्र को संबोधित किया।

जय जवान से जय अनुसंधान तक

पीएम मोदी ने लाल किले से अपना भाषण की शुरुआत देशवासियों और दुनियाभर में रह रहे भारतीयों को बधाई और शुभकामनाएं देते हुए की. उन्होंने विश्व भर में फैले हुए भारत प्रेमियों और भारतीयों को आजादी के अमृत महोत्सव की बधाई दी. पीएम मोदी ने आज के भाषण में जय जवान-जय किसान वाले नारे को एक नया रूप दिया. उन्होंने कहा, ”जय जवान, जय किसान का लाल बहादुर शास्त्री जी का मंत्र आज भी देश के लिए प्रेरणा है. अटल जी ने जय विज्ञान कह कर उसमें एक कड़ी जोड़ दी थी लेकिन अब अमृत काल के लिए एक और अनिवार्यता है, वो है जय अनुसंधान. जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान, जय अनुसंधान.”

गुलामी की सोच से मुक्ति

पीएम मोदी ने गुलामी की हर सोच से मुक्ति पाने को दूसरा प्राण बताया और कहा कि गुलामी का एक भी अंश अगर अब भी है, तो उसको किसी भी हालत में बचने नहीं देना है. उन्होंने कहा कि इस सोच ने कई विकृतियां पैदा कर रखी है, इसलिए गुलामी की सोच से मुक्ति पानी ही होगी.

भारत का अमृत काल 

भारत 1947 में आजाद हुआ था और उसने 2022 में आजाद देश के रूप में 75 साल की यात्रा पूरी कर ली है. पीएम मोदी ने अगले 25 साल के कालखंड को ‘अमृत काल’ का नाम दिया गया है.

अंतरिक्ष से लेकर समंदर की गहराई तक होगा अनुसंधान

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘मैं युवाओं से देश के विकास के लिए अपने जीवन के अगले 25 वर्ष समर्पित करने का आग्रह करता हूं, हम मानवता के पूर्ण विकास के लिए काम करेंगे. हमारा प्रयास है कि देश के युवाओं को असीम अंतरिक्ष से लेकर समंदर की गहराई तक अनुसंधान के लिए भरपूर मदद मिले, इसलिए हम अंतरिक्ष मिशन, गहरे समुद्र से जुड़े मिशन का विस्तार कर रहे हैं. अंतरिक्ष और समंदर की गहराई में ही हमारे भविष्य के लिए जरूरी समाधान हैं.

0 लाख करोड़ रुपये गलत हाथों में जाने से बचाए
पीएम ने कहा पिछले आठ वर्षों में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के द्वारा आधार और मोबाइल सहित अन्य आधुनिक व्यवस्थाओं का उपयोग करते हुए 20 लाख करोड़ रुपयों को गलत हाथों में जाने से बचाया गया और उसे देश की भलाई के काम में लगाने में सरकार सफल हुई. प्रधानमंत्री ने कहा कि भ्रष्टाचार दीमक की तरह देश को खोखला कर रहा है और उन्हें इसके खिलाफ लड़ाई तेज करनी है और इसे निर्णायक मोड़ पर लेकर ही जाना है. उन्होंने कहा, ‘‘मेरे 130 करोड़ देशवासी आप मुझे आशीर्वाद दीजिए, आप मेरा साथ दीजिए, मैं आज आपसे साथ मांगने आया हूं, आपका सहयोग मांगने आया हूं ताकि मैं इस लड़ाई को लड़ सकूं और इस लड़ाई को देश जीत पाए.

बनेगा आत्मनिर्भर भारत

जब हमारा ब्रह्मोस दुनिया में जाता है तो कौन हिंदुस्तानी नहीं होगा, जिसका मन आसमान को न छूता हो. हमारी बंदे भारत ट्रेन विश्व के लिए आकर्षण है. हमें आत्मनिर्भर बनना है. हम कब तक एनर्जी सेक्टर में किसी और पर निर्भर रहेंगे.. सोलर का क्षेत्र, विंड एनर्जी का क्षेत्र, मिशन हाइड्रोजन, बायो फ्यूल की कोशिश, इलेक्ट्रिक व्हीकल पर जाने की बात हो, हम आत्मनिर्भर बनकर इन व्यवस्थाओं को आगे बढ़ाना होगा. प्राकृतिक खेती भी आत्मनिर्भरता का मार्ग है. नैनो फर्टिलाइजर का कारखाने नई आशा लेकर आए हैं. आज ग्रीन जॉब के क्षेत्र तेजी से खुल रहे हैं. प्राइवेट सेक्टर से भी आह्वान करता हूं कि हमें विश्व में छा जाना है

धरती से जुड़ेंगे, तभी तो ऊंचा उड़ेंगे

पीएम मोदी ने कहा, ‘‘हमारी विरासत पर हमें गर्व होना चाहिए. जब हम अपनी धरती से जुड़ेंगे तभी तो ऊंचा उड़ेंगे. जब हम ऊंचा उड़ेंगे, तभी हम विश्व को भी समाधान दे पाएंगे.

पीएम मोदी ने कहा कि देश के सामने दो बड़ी चुनौतियां हैं. पहली चुनौती है भ्रष्टाचार और दूसरी चुनौती है भाई-भतीजावाद…परिवारवाद. प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘भारत जैसे लोकतंत्र में जहां लोग गरीबी से जूझ रहे हैं, तब यह दृश्य देखने को मिलते हैं कि एक तरफ वे लोग हैं जिनके पास रहने के लिए जगह नहीं है, दूसरी तरफ वे लोग हैं, जिनके पास अपना चोरी किया हुआ माल रखने के लिए जगह नहीं है. यह स्थिति अच्छी नहीं है, इसलिए हमें भ्रष्टाचार के खिलाफ पूरी ताकत से लड़ना है.’’ भाई-भतीजावाद पर पीएम ने कहा कि राजनीति क्षेत्र की इस बुराई ने हिंदुस्तान की हर संस्था में परिवारवाद कुपोषित कर दिया है.हिंदुस्तान की राजनीति के शुद्धिकरण के लिए भी और सभी संस्थाओं के शुद्धिकरण के लिए भी… इस परिवारवादी मानसिकता से मुक्ति दिलानी होगी. योग्यता के आधार पर देश को आगे ले जाने की ओर हमें बढ़ना होगा. यह अनिवार्यता है

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