Back Pain: क्यों होता है कमर दर्द? क्या है उपचार पद्धतियां

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कमर दर्द से संबंधित कुछ मुख्य बिंदु 

  • पीठ के निचले हिस्से में दर्द की घटनाओं का अनुमान लगाना मुश्किल है, क्योंकि पीठ दर्द के पहले एपिसोड की घटनाएं शुरुआती वयस्कता में अधिक होती हैं और इसके लक्षण समय के साथ दोबारा आने शुरू हो जाते हैं।
  • जैसे-जैसे दुनिया की आबादी बढ़ रही है, वृद्ध लोगों में इंटरवर्टेब्रल डिस्क में गड़बड़ी होने के कारण कमर दर्द या पीठ के निचले हिस्से में दर्द की संभावना है।
  • कमर में दर्द (पीठ के निचले हिस्से में दर्द) दुनिया भर में गतिविधि की सीमा और काम की अनुपस्थिति का प्रमुख कारण है, जो व्यक्तियों, परिवारों, समुदायों, उद्योग और सरकारों पर एक उच्च आर्थिक बोझ डालता है।
  • कमर दर्द (पीठ के निचले हिस्से में दर्द) के सामाजिक और आर्थिक प्रभाव का मूल्यांकन करने के लिए यूरोप में कई अध्ययन किए गए हैं।
  • विटामिन D की कमी के कारण भी कमर में दर्द हो सकता है।

कमर दर्द क्या है

कमर के दर्द के पीछे भी काई कारण हो सकते हैं जैसे कि घंटो तक एक ही जगह पर बैठे रहना। मांसपेशियों में खिंचाव होना,ऐंठन का आना आदि कारण हो सकते हैं। जिनकी वजह से कमर में दर्द बना रहता है। और कारणों की बात करें तो शरीर में मेटाबोलिक की कमी के कारण भी कमर दर्द होने की समस्या हो सकती है।

कमर दर्द से बचाव के तरीके

पीठ या कमर दर्द से आराम दिलाने वाले योग और एक्सरसाइज करें, लेकिन ध्यान रहे कि आप इन्हें डॉक्टर की सलाह के बाद विशेषज्ञों की देखरेख में ही करें। आप जब भी बैठें या सोएं, तो अपनी पीठ को किसी तकिये या बैक रेस्ट से सपोर्ट दें। अपनी रीढ़ की हड्डी को हाइड्रेटेड और स्वस्थ रखने के लिए खूब पानी पिएं। कमर की हल्के-हल्के हाथों से नियमित रूप से मालिश करें। हर सप्ताह एक घंटा पैदल चलने से कमर दर्द से बच सकते हैं।

हमारी प्रकृति में कुछ ऐसी चीजें भी हैं जिनके सेवन से हमें बड़े ही गुणवान लाभ मिल सकते हैं।

अदरक-

इसमें एंटी इन्फ्लेमेटरी गुण होते हैं और यह दर्द निवारक के रूप में भी काम में ली जाती है।

हल्दी-

यह एक ऐसी प्राकृतिक औषधि है जो कई रोगों में फायदेमंद सिद्ध होती है। आप चाहें तो कमर दर्द के दौरान हल्दी वाले दूध का सेवन कर सकते हैं। यह दर्द को कम करने में आपका साथ देगा।

लहसुन-

अदरक की तरह इसका सेवन भी आपको बेहतरीन लाभ दे सकता है। लहसुन का तेल दर्द वाले हिस्से में लगाने से दर्द में फायदा मिलता है। चाहें तो आप कमर दर्द में आराम के लिए इसकी दो कलियां खाली पेट भी चबा सकते हैं।

केल्शियम-युक्त आहार-

शरीर में कैल्शियम की कमी होना भी कमर दर्द को बढ़ावा दे सकती है। इसलिए आप कोशिश करें कि आपका खान-पान सही हो। और आपके शरीर में कैल्शियम की पर्याप्त मात्रा हो जिससे आपकी हड्डियां मजबूत रहें। जैसे कि दूध, पनीर, डेयरी उत्पाद, हरी सब्ज़ियां, आदि।

इन चीजों का रखें ध्यान

1. जैसा कि कंप्यूटर के सामने कुर्सी पर बैठने की पोजीशन सही होनी चाहिए वैसे ही आप ध्यान रखें की सोते वक्त आपका शरीर सही अवस्था में हो। सोने का गलत तरीका भी कमर दर्द की वजह बन सकता है। और हां, यहां ध्यान दिया जाए कि जिस गद्दे पर आप सोऐं वो ज़्यादा मुलायम और स्पंजी ना हो। अन्यथा इस वजह से दिक्कत हो सकती है। सोने के लिए आरामदायक बिस्तर को ही उपयोग में लें।

2. व्यायाम सेहत के लिए बहुत फायदेमंद है। अगर आप प्रतिदिन कसरत करने की आदत डालते हैं तो इससे आपके शरीर को कई लाभ पहुंचते हैं। लेकिन याद रहे, अगर आप एक हद से ज्यादा या फिर बिल्कुल व्यायाम नहीं करते हैं तो इन दोनों स्थिति में आपको अपनी पीठ में दर्द महसूस हो सकता है।

3. अपने तन के साथ मन का भी खयाल रखना बेहद ज़रूरी है। और यह बात कमर दर्द से भी मेल रखती है। ऐसा इसलिए क्योंकि अगर कोई व्यक्ति अत्यधिक तनाव लेता है तो उसे कमर दर्द हो सकता है। जैसा कि तनाव लेने से आपके दिमाग पर असर पड़ता है वैसे ही तंत्रिका तंत्र में भी इसका असर होता है। और इस वजह से रीड की हड्डी वाली जगह में दर्द उत्पन्न हो सकता है।

4. याद रहे कि धुम्रपान करने से भी रीढ़ की हड्डी में दिक्कत पैदा हो सकती है। और उस वजह से इंसान कमर दर्द की शिकायत करता है। इसलिए आपके स्वास्थ्य के लिए यही बेहतर है कि धुम्रपान से परहेज़ करें।

इन सब चीज़ों को ध्यान में रखते हुए आप कमर दर्द की परेशानी से दूर रह सकते हैं। और फिर भी किसी व्यक्ति को दर्द महसूस होता है। और मुमकिन उपायों से भी फायदा नहीं मिलता। तो आप डाॅक्टर की सलाह लेने में ज़्यादा देर ना करें।

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