राजस्थान में गहलोत सरकार पर एक बार फिर सियासी संकट, बसपा से कांग्रेस में शामिल हुए 6 विधायकों ने वादा पूरा नहीं करने पर नाराजगी जताई

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जयपुर 26 जुलाई। राजस्थान में गहलोत सरकार पर एक बार फिर सियासी संकट आ सकता है। बसपा से कांग्रेस में शामिल हुए 6 विधायकों ने वादा पूरा नहीं करने पर नाराजगी जताई है। सभी विधायक पायलट कैम्प की बगावत के समय गहलोत के साथ थे। बसपा से कांग्रेस में शामिल हुए सैनिक कल्याण मंत्री राजेंद्र सिंह गुढ़ा ने कांग्रेस पर उनके वादे पूरे नहीं करने का आरोप लगाया है। गुढ़ा ने कहा कि हमारे साथ किया गया कमिटमेंट पूरा नहीं हुआ है। पिछली बार सरकार ने 6 में से 3 विधायकों को संसदीय सचिव और 3 विधायकों को मंत्री बनाया था। इस बार भी उम्मीद थी कि सरकार विधायकों को एडजस्ट करेगी। लेकिन इस बार हमारे साथ कमिटमेंट पूरा नहीं किया गया है। हमारे साथी वाजिब अली और संदीप यादव को तो सरकार में कोई हिस्सेदारी ही नहीं दी गई है। लखन मीणा को राजनीतिक नियुक्ति तो दी। लेकिन उन्हें आज तक गाड़ी,स्टाफ और ऑफिस नहीं दिया गया है। हमारे साथियों में आने वाले विधानसभा चुनाव के टिकट को लेकर ही संशय बना हुआ है।

सोनिया और राहुल गांधी तक से नहीं मिलाया

मंत्री राजेंद्र सिंह गुढ़ा ने अपनी पीड़ा जताते हुए कहा कि राज्यसभा चुनाव के समय मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, मुकुल वासनिक और रणदीप सुरजेवाला ने हमें राहुल गांधी और सोनिया गांधी से मिलवा कर टिकट के लिए बात करवा देने का वादा किया था। लेकिन मंत्री बनवाना तो दूर हमें आज तक राहुल गांधी सोनिया गांधी से नहीं मिल पाया गया है। इससे मंत्री ने बनाए जाने का संजय अब और बढ़ गया है। गुढ़ा ने कहा कि हम कमिटमेंट पूरे नहीं होने को लेकर चिंतित हैं। अगर ऐसा नहीं हुआ तो हमें सरकार को दिए समर्थन को लेकर आगे सोचना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव सामने आ रहे हैं। हम चाहते हैं कि हमारे टिकट को लेकर बात क्लियर हो जाए। यह बात हमारे मन में असुरक्षा की भावना पैदा कर रही है।

कांग्रेस को लेकर बदले गुढ़ा के सुर

सैनिक कल्याण मंत्री राजेंद्र सिंह गुढ़ा के कांग्रेस को लेकर सुर बदल गए हैं। पिछले दिनों उन्होंने खुद को कांग्रेस कल्चर का नहीं बताने वाला बयान दिया था। लेकिन अब वह कांग्रेस में पूरी आस्था जता रहे हैं। उनका कहना है कि पार्टी जो करेगी वह ठीक होगा। गुढ़ा ने कहा कि अगर प्रदेश में सत्ता परिवर्तन होता है,तो वह किसके साथ रहेंगे यह अभी तय नहीं है। सत्ता और संगठन में परिवर्तन को लेकर गुढ़ा ने साफ किया कि जब ऐसी परिस्थितियां बनेंगी। तब उन्हें क्या फैसला लेना है। यह साथियों के साथ बैठकर तय करेंगे राजेंद्र सिंह गुढ़ा ने यह बात साफ कर दी है कि अब वे कांग्रेसी है और जो कांग्रेस करेगी, वह ठीक होगा। उन्होंने कहा कि सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती शिक्षित बेरोजगार है। बेरोजगारों की समस्या को लेकर न तो पिछली भाजपा सरकार ने कुछ किया और ना ही वर्तमान सरकार कुछ कर रही है। शिक्षित बेरोजगार सरकार के रिपीट होने में सबसे बड़ी बाधा है।

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