*उन्नाव में मृत महिला और प्रेमी के शरीर में नहीं मिली चोटे, सुरक्षित किया गया विसरा फोरेंसिक लैब से कराई जायेगी जाँच*

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*उन्नाव:-* जनपद उन्नाव के हसनगंज के नारीखेड़ा गांव के जंगल में मिले महिला और उसके प्रेमी युवक के शव का तीन डॉक्टरों के पैनल से रविवार को पोस्टमार्टम कराया गया। पोस्टमार्टम में दोनों की मौत शरीर में जहर फैलने से हुई है। शरीर में चोट का कोई निशान नहीं है। पोस्टमार्टम के बाद दोनों के शवों का शुक्लागंज शमशान घाट में अंतिम संस्कार कर दिया गया। अपर पुलिस अधीक्षक शशि शेखर सिंह ने बताया कि सुरक्षित किए गए विसरा की फॉरेंसिक लैब में जाँच कराई जाएगी।

कोतवाली क्षेत्र की ग्रामसभा मूसेपुर के मजरा नारीखेड़ा गांव से डेढ़ किलोमीटर दूर शनिवार को चारागाह की जमीन पर पड़े मिले शांति (27) और पड़ोसी युवक अनुज सिंह (24) के शव का रविवार को तीन डॉक्टरों के पैनल से वीडियो ग्रॉफी के बीच पोस्टमार्टम कराया गया। दोनों के शरीर में कोई चोट नहीं मिली। जिससे उनकी मौत होने की पुष्टि होती। डॉक्टरों ने जहर से मौत की संभावना जताई है। दोनों के शव का विसरा सुरक्षित किया गया है। पोस्टमार्टम के दौरान क्षेत्राधिकारी हसनगंज आरके शुक्ला, कोतवाल व चौकी इंचार्ज पुलिस बल के साथ पूरे समय मौजूद रहे। अपर पुलिस अधीक्षक शशि शेखर सिंह ने बताया कि दोनों के विसरा की फॉरेंसिक लैब से जाँच कराई जायेगी। पोस्टमार्टम करने वाले पैनल में डॉ. आशुतोष वाषर्णेय, डॉ. फैजल और मो. अहमद अली शामिल रहे। पोस्टमार्टम प्रक्रिया की वीडियोग्रॉफी भी कराई गई है।

*बाएं पैर से दिव्यांग था अनुज*

पोस्टमार्टम हाउस में मिले मृतक अनुज सिंह के पिता महेश ने बताया कि बेटा बाएं पैर से दिव्यांग था। वह दौड़ नहीं सकता था। 28 जून को सुबह उसने बाल कटवाने के लिए रुपये मांग थे। उसे 100 रुपये दिए थे और दोपहर में वह घर आया और बचे 50 रुपये खिड़की पर रख दिए। उसके खाना खाया और आराम करने लगा। रात में कितने समय घर से निकला इसका पता नहीं चल पाया।

*गाँव में पसरा रहा सन्नाटा*

मृतक अनुज के पिता महेश के मुताबिक पूरे गांव में सिर्फ 15 घर हैं। जिसमें दो रैदास बिरादरी, पाँच जमेल ठाकुर व आठ घर पासवार बिरादरी के हैं। घटना के बाद से गांव की गलियां सूनी रहीं। पूरे गांव में सुबह से शाम तक सन्नाटा पसरा रहा।

*मामा के साथ ननिहाल गई मासूम प्रियांशी*

माँ शांति की मौत के बाद से रो-रोकर बेहाल उसकी दो साल की बेटी प्रियांशी को संभाल रहे परिवार और गांव के लोगों की आंखे नम हो गईं। मासूम बच्ची बार बार मां को पुकारती रही। उस मासूम को इसका आभास भी नहीं है कि उसकी मां अब हमेशा के लिए उससे दूर चली गई है। बच्ची को उसके मामा संतोष अपने साथ लेकर गए हैं।

*गाँव में तैनात है पुलिस फोर्स*

कोतवाल अखिलेश चंद्र पांडेय ने बताया कि मामला एक ही गाँव पड़ोस का होने से एहतियात के तौर पर फोर्स की तैनाती की गई है। समय-समय पर मैं खुद जाकर गश्त कर रहा हूँ और पूरी परिस्थितियों में नजर रखी गई है।

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