अब Smartphone के साथ-साथ, दिमाक भी हैक हो सकेंगें अमेरिका ने की नई तकनीक इज़ाद

0
92

New Brain Hacking Technology : Scientist लगातार किसी न किसी तरह का प्रयोग (Experiment) करते रहते हैं कभी टेक्नोलॉजी तो कभी जीवन खोजने की प्रक्रिया में लगे रहते हैं. हर दिन कोइ न कोई देश नई-नई खोज कर रहा है. इसी दौरान अमेरिका के वैज्ञानिको ने कुछ अलग ही कर दिखाया है.

जी हां Smartphone का इस्तेमाल आज के समय में लगभग सभी लोग करते हैं. इनमें से कुछ लोग होत ऐसे होते हैं जो स्मार्टफोन हैकिंग (Smartphone Hacking) के बारे में जानते हैं. वहीं कुछ लोग कोशिश करने के बाद भी नहीं कर पाते. स्मार्टफोन्स के हैक होने की खबरें आपने सुनी ही होंगी लेकिन क्या आपको पता है कि एक ऐसी तकनीक बनाई गई है जिससे फोन ही नहीं बल्कि दिमाग भी हैक किया जा सकता है.

अभी तक आपने स्मार्टफोन, कम्प्यूटर, ऑनलाइन सर्वर और कई तरह की टेक्नोलॉजी को हैक होने के बारे में सुना होगा। पर क्या आपने कभी किसी के दिमाग को हैक होते सुना है? साइंटिस्ट्स ने यह कर दिखाया है। लेकिन अमेरिका में कुछ टॉप इंस्टीट्यूट के साइंटिस्ट्स ने ऐसी टेक्नोलॉजी इजाद कर ली है। उन्होंने एक ऐसी वायरलेस टेक्नोलॉजी दिखाई है, जो दिमाग को हैक कर सकती है। वैसे इस टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल इंसान नहीं बल्कि मक्खी को कंट्रोल करने में किया गया है। मगर इस दिशा में यह एक बड़ा कदम है। रिपोर्ट्स की मानें तो इस टेक्नोलॉजी की मदद से महज एक सेकेंड में मक्खी के दिमाग को कंट्रोल कर सकते हैं। ये वायरलेस टेक्नोलॉजी मक्खी के दिमाग में मौजूद न्यूरॉन्स को कंट्रोल करती है।

वैज्ञानिक लंबे समय से दिमाग के काम करने के तौर तरीकों पर रिसर्च कर रहे हैं। इससे उन लक्ष्यों को हासिल करने की कोशिश की जा रही है, जिनकी पहले कल्पना भी नहीं की जा सकती थी। नेशनल साइंस फाउंडेशन और डिफेंस एडवांस रिसर्च प्रोजेक्ट एजेंसी ने ऐसी हेडसेट टेक्नोलॉजी डेवलप की है, जो ना सिर्फ दिमाग के न्यूरॉन्स को पढ़ सकती है, बल्कि उन्हें किसी दूसरे के हिसाब से लिख भी सकती है। 

इस प्रोग्राम का नाम Magnetic, Optical, Acoustic Neural Access (MOANA) है। इसका उद्देश्य एक ऐसा वायरलेस हेडसेट तैयार करना है, जो दिमाग से दिमाग के कम्यूनिकेशन को नॉन-सर्जिकल तरीके से कर सके। Rice यूनिवर्सिटी के एसोसिएट प्रोफेशर Jacob Robinson और उनकी टीम ऐसा एक तरीका खोज निकाला है, जो मक्खियों के दिमाग को हैक कर सकता है। 

अब Hack हो सकेंगे Brain

बता दें कि अमेरिका में, कई बड़े संस्थानों के वैज्ञानिकों ने एक तकनीक का इजात किया है. इस तकनीक की मदद से दिमाग को हैक किया जा सकेगा. आपको बता दें कि जो तकनीक इन साइंटिस्ट्स ने दिखाई है वो एक वायरलेस तकनीक है और फिलहाल इसपर काम चल रहा है

इस technology को हेडसेट में डाला गया

बता दें कि वैज्ञानिक (Scientist) इस पर काफी समय से काम कर रहे थे कि दिमाग किस तरह से काम करता है. इसपर काफी समय से वैज्ञानिक रिसर्च भी कर रहे थे और अब उन्होंने दिमाग को कंट्रोल करने की तकनीक तैयार ली है. इस तकनीक से लैस एक हेडसेट डिवेलप (Headset Develop) किया गया है जो दिमाग के न्यूरॉन्स (neurons) को पढ़ने के साथ-साथ दूसरों के हिसाब से चला भी सकता है. ये हेडसेट नेशनल साइंस फाउंडेशन और डिफेंस एडवांस रिसर्च प्रोजेक्ट एजेंसी ने तैयार किया है.

कैसे हैक होता है दिमाग

इस प्रोग्राम का नाम MOANA है जिसका फुल फॉर्म Magnetic, Optical, Acoustic Neural Access है. इस तकनीक की मदद से ब्रेन हैक (brain hack) करने के लिए रिसर्च टीम ने जेनेटिक इंजीनियरिंग का इस्तेमाल किया है जिससे दिमाग के न्यूरॉन सेल (neuron cell) में एक खास आयन चैनल एक्स्प्रेस किया गया है जो हीट से एक्टिव होता है. आपको बता दें कि इस तकनीक को फिलहाल इंसानों के दिमाग पर नहीं मक्खी के दिमाग पर ट्राई किया गया है. आयन चैनल के एक्टिवेट होते ही मक्खी पंख फैलाने लगती है. मक्खियों पर इस प्रयोग को करना भी एक बड़ा कदम माना जा रहा

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here