अगस्त 2022 त्योहारों की सूची : ये हैं अगस्त के प्रमुख व्रत-त्योहार, जानें कब है रक्षाबंधन?

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28 जुलाई। सावन आते ही त्योहारों का महीना शुरू हो जाता है, यहां हम लाएं हैं आपके लिए अगस्त महीने के त्योहारों की पूरी लिस्ट, जिसके जरिए आप जान सकते हैं कि कब है ‘नागपंचमी’ और कब है ‘रक्षाबंधन’। आपको बता दें कि अगस्त का महीना पूरी तरह से व्रत और त्योहारों से भरा हुआ है।

2 अगस्त मंगलवार नाग पंचमी

5 अगस्त शुक्रवार श्री दुर्गाष्टमी व्रत

8 अगस्त सोमवार श्रावण पुत्रदा एकादशी

9 अगस्त मंगलवार प्रदोष व्रत

11 अगस्त गुरुवार रक्षाबंधन

12 अगस्त शुक्रवार श्रावण मास पूर्णिमा व्रत

14 अगस्त रविवार कजली तृतीया व्रत

15 अगस्त सोमवार संकष्टी चतुर्थी

17 अगस्त बुधवार हलषष्ठी व्रत

19 अगस्त शुक्रवार जन्माष्टमी

23 अगस्त मंगलवार अजा एकादशी

24 अगस्त बुधवार प्रदोष व्रत

25 अगस्त गुरुवार मासिक शिवरात्रि

27 अगस्त शनिवार भाद्रपद अमावस्या

30 अगस्त मंगलवार हरतालिका तीज व्रत

31 अगस्त बुधवार विनायक चतुर्थी व्रत

अगस्त 2022 में बैंक अवकाश की सूची

1 अगस्त: Drukpa Tshe-zi festival (केवल सिक्किम)

8 अगस्त: मुहर्रम (केवल जम्मू और कश्मीर)

9 अगस्त: मुहर्रम (अगरतला, अहमदाबाद, आइजोल, बेलापुर, बेंगलुरु, भोपाल, चेन्नई, हैदराबाद, जयपुर, कानपुर, कोलकाता, लखनऊ, मुंबई, नागपुर, नई दिल्ली, पटना, रायपुर और रांची में)

11 अगस्त: रक्षा बंधन

12 अगस्त: रक्षा बंधन

13 अगस्त: देशभक्त दिवस (इंफाल)

15 अगस्त: स्वतंत्रता दिवस

16 अगस्त: पारसी नव वर्ष (बेलापुर, मुंबई और नागपुर)

18 अगस्त: जन्माष्टमी (भुवनेश्वर, देहरादून, कानपुर और लखनऊ)

19 अगस्त: जन्माष्टमी

20 अगस्त: श्री कृष्ण अष्टमी (केवल हैदराबाद)

29 अगस्त: श्रीमंत शंकरदेव की तिथि (केवल गुवाहाटी)

नाग पंचमी: ‘नागपंचमी’ का त्योहार 2 अगस्त को है। सावन माह के प्रमुख त्योहारों में से एक ये पर्व श्रावण कृष्ण पंचमी और श्रावण शुक्ल पंचमी दोनों ही तिथियों को मनाया जाता है। बिहार, बंगाल, उड़ीसा, राजस्थान में लोग कृष्ण पक्ष में यह त्योहार मनाते हैं जबकि देश के बाकी हिस्सों में श्रावण शुक्ल पंचमी को ये पर्व मनाया जाता है। इस दिन शिव के आभूषण यानी कि नाग देवता की पूजा होती है। कहीं-कहीं सांप को दूध भी पिलाया जाता है, हालांकि वो गलत है। इस खास दिन लोग शिवलिंग की पूजा करने के बाद बिंब (सांपों के बिल) की भी पूजा करते हैं और उनसे प्रार्थना करते हैं कि वो हमें और हमारे परिवार को कष्ट ना पहुंचाएं।

रक्षाबंधन (11-12 जुलाई) : सावन मास की पूर्णिमा तिथि को हर साल रक्षाबंधन का पर्व मनाया जाता है लेकिन इस साल पूर्णिमा तिथि दो दिन होने की वजह से कुछ 11 अगस्त को मना रहे हैं तो कुछ 12 अगस्त को। रक्षाबंधन हमेशा भद्रा रहित काल में ही करनी चाहिए, इस काल में राखी बंधवाना अशुभ माना जाता है। रक्षा बंधन के दिन बहन अपने भाइयों की कलाई पर राखी या रक्षासूत्र बांधती हैं

पवित्रा और पुत्रदा एकादशी (8 अगस्त, सोमवार)

सावन मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को पवित्रा एकादशी के नाम से जाना जाता है। इस बार 8 अगस्त को मनाई जाएगी। साथ ही इसी दिन सावन का चौथा और अंतिम सोमवार का व्रत भी किया जाएगा। शास्त्रों में बताया गया है कि जो भी भक्त सच्चे मन से एकादशी का व्रत करता है, श्रीहरि उसकी शीघ्र ही मनोकामना पूरी करते हैं।

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी, स्मार्त (18 अगस्त, गुरुवार)

हर साल भाद्रपद माह की कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को कृष्ण जन्माष्टमी पर्व मनाया जाएगा। कृष्ण जन्माष्टमी को जन्माष्टमी या गोकुलाष्टमी के नाम से भी जाना जाता है। गृहस्थ जीवन व्यतीत करने वाले अर्थात स्मार्त 18 अगस्त को जन्माष्टमी का पर्व मनाएंगे। शास्त्रों में बताया गया है कि इस दिन व्रत और विधि-पूर्वक पूजा-अर्चना करने से जीवन के सभी कष्ट दूर होते हैं।

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