उन्नाव शहर में निगरानी बेअसर, स्वच्छता में रह गई कसर

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उन्नाव:- जनपद उन्नाव में स्वच्छता को लेकर सरकार ने 60 दिन की कार्ययोजना तय की है। इसके लिए लखनऊ से निगरानी भी की जा रही है तो वही जनपद के जिलाधिकारी ने भी शहर को साफ और स्वच्छ बनाने के लिए निर्देश देकर पर्यवेक्षक नियुक्त किए हैं। इसके बाद भी शहर में गंदगी की काफी भरमार है। कूड़े के ढेर और जलभराव लोगों के लिए मुसीबत बने हुए हैं। अधिकांश मोहल्लों में काफी गंदगी है। नगर विकास मंत्रालय ने 60 दिन में शहर को स्वच्छ बनाने का अल्टीमेटम दिया था। ऑनलाइन निगरानी की व्यवस्था की लेकिन इसका बहुत असर नहीं दिखा। जिलाधिकारी रवींद्र कुमार ने स्वच्छता व्यवस्था की निगरानी के लिए आठ प्रशासनिक अधिकारियों को 32 वार्डों की जिम्मेदारी दी है। नगर पालिका प्रशासन ने भी पर्यवेक्षक नियुक्त किए है लेकिन निगरानी तक ही सब सीमित रहा। इसके कारण जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हैं।

जिलाधिकारी ने 30 मई तक नालों की सफाई का निर्देश दिया था। शहर में 72 छोटे-बड़े नाले हैं। हाल यह है कि जिला अस्पताल के पास नाले की थोड़ी सफाई कर दी गई और उसके बाद अन्य नालों को वैसे ही छोड़ दिया गया। पीताम्बर नगर में कोई सफाईकर्मी नहीं आता है जिसकी वजह से नालियों में काफी गन्दगी है और रोड पर भी, कांशीराम कालोनी में नाला जाम है। यही हाल कंजी, तालिबसराय, तकी नगर, शाहगंज, कब्बाखेड़ा, किशोरीखेड़ा, सिविल लाइन में भी है। अकरमपुर से जुड़ा नाला भी गंदा है। कॉलेज रोड पर भी यही हाल है।

सफाई निरीक्षक के खिलाफ सीडीओ ने भेजी रिपोर्ट

प्रधानमंत्री की वर्चुअल रैली का मंगलवार को निराला प्रेक्षागृह में सीधा प्रसारण दिखाया गया। कार्यक्रम स्थल की सफाई की जिम्मेदारी नगर पालिका की थी लेकिन यहां भी औपचारिकता निभाई गई। इस पर सीडीओ दिव्यांशु पटेल ने काफी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने सफाई निरीक्षक रश्मि पुष्कर के खिलाफ सख्त कार्यवाही के लिए जिलाधिकारी को रिपोर्ट भेजी है।

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एसडीएम सदर/नगर पालिका के प्रभारी ईओ सत्यप्रिय सिंह ने बताया कि सफाई व्यवस्था पर लगातार काम चल रहा है। दैनिक सफाई के साथ ही नालों की सिल्ट की भी साफ कराई जा रही है हो सकता है कुछ मोहल्लों में समय से कूड़ा न उठ पाया हो इसे दुरुस्त कराया जाएगा।

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