उन्नाव में नगर पालिका में आठ माह बाद ईओ की तैनाती से जनता में जगी कुछ उम्मीद, शहर के कुछ वार्डो में नहीं हो रही सफाई

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उन्नाव:- उन्नाव शहर की जनता गंदगी, अतिक्रमण, टूटी सड़कें, चोक नालियों सहित आदि समस्याओं से काफी जूझ रही है लेकिन तमाम आश्वासनों और दावों के बावजूद उनकी समस्या का निदान नहीं हो पा रहा है। संबंधित विभाग भी इन समस्याओं को जानकर भी लगातार नजरंदाज कर रहा हैं जिसका खामियाजा जनता को भुगतना पड़ रहा है। जनता के द्वारा कई बार शिकायतें की गई लेकिन अधिकारियों ने ध्यान ही नहीं दिया बस आश्वासन दिया। लोगों का कहना कि आठ माह के ऊपर समय के बाद अधिशासी अधिकारी की तैनाती और कुर्सी सम्भालते ही अब कुछ उम्मीद जगी है।

होर्डिंग-बैनर टेंडर वर्षों बाद खुला

प्रभारी ईओ रहे सदर एसडीएम सत्यप्रिय सिंह ने अप्रैल और मई महीने में अवैध तरीके से लगाए गए होर्डिग हटवाई थी जिसके बाद कई वर्षो से पेंडिंग पड़ी टेंडर प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया था लेकिन फिर भी वह आगे नहीं बढ़ सकी। नगर पालिका को इन होर्डिंग-बैनर की टेंडरिंग कराने के बाद करीबन बारह से पंद्रह लाख रुपए लाभ होता है लेकिन काफी प्रयास के बाद भी अवैध रूप से लगे शहर में यूनिपोल को भी जिला प्रशासन और नगर पालिका अभी तक नहीं हटवा सकी है।

न साफ-सफाई और न ही शाम को पहुँच रही कूड़ा गाड़ी

स्वच्छता को लेकर हेल्पलाइन नंबर हैं एक शिकायत पर तुरन्त पहुंचने का दावा किया जाता है। दो माह में लगभग 300 के ऊपर शिकायतें भी दर्ज की जा चुकी है। साथ ही सफाई कर्मियों की फौज है। इसके बाद भी उन्नाव शहर के ज्यादातर मोहल्लों में गंदगी का अंबार लगा है। 60 दिन में शहर को स्वच्छ बनाने का अल्टीमेटम मिलने के बाद भी दावे बेअसर रहे। ऑनलाइन निगरानी की व्यवस्था की कवायद शुरू हुई लेकिन इसका बहुत ज्यादा असर यहाँ नहीं दिखा। जिलाधिकारी रवींद्र कुमार ने स्वच्छता व्यवस्था की निगरानी के लिए आठ प्रशासनिक अधिकारियों को 32 वार्डो की जिम्मेदारी दी सुबह और शाम सफाई को लेकर निर्देश भी दिए गए है। नगर पालिका प्रशासन ने भी पर्यवेक्षक नियुक्त किए लेकिन निगरानी तक ही सब सीमित रह पाया जिसकी वजह से जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हैं तो वही 32 वार्डो के लिए 2.41 करोड़ की खरीद से मंगाई गई डबल बॉक्स लोडर कूड़ा गाड़िया भी धूल फांक रही है। दो- चार को छोड़ कर वार्डो में कभी कोई गाड़ी दिखती ही नहीं। इन गाड़ियों से उन्नाव शहर में निकलने वाला 50 से 55 मीट्रिक कूड़े को इकह्वा कर हाईवे स्थित एक किनारे डंप करना था जिसमे विभाग के द्वारा हीलाहवाली बरती जा रही है।

नगर पालिका में सफाई का खर्च लाखों

विभागीय धन से कराई जा रही नालों की सफाई का खर्च लाखों में है और मानसून नजदीक है लेकिन तय समयावधि के बाद भी काम अधूरा पड़ा है। बारिश के पहले नगर पालिका ने प्रस्तावित पड़ी 167 के ऊपर नाली नालों के क्रॉस पत्थर व 60 से अधिक छोटी बड़ी गालियां और सड़क सही नहीं हुई तो समस्याएं बेहिसाब होगी। नगर पालिका के नवागत ईओ ने जिलाधिकारी रवींद्र कुमार के निर्देश मिलने के बाद 30 जून तक सभी नाला-नालियों की पूरी तरह सफाई कराने के निर्देश दिए है इसके साथ ही प्रस्तवित पड़ी सड़कों की सूची मांगी है जिससे लोगों में निर्माण की आस दोगुनी हो गई है।

डम्पिंग यार्ड बनाने की रफ्तार काफी धीमी है

उन्नाव नगर पालिका क्षेत्र के 32 वार्डों और बाजारों से हर दिन निकलने वाले 50 से 55 मीट्रिक टन कूड़े के निस्तारण के लिए कूड़ा डंपिंग यार्ड के निर्माण का उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने जनवरी में वर्चुअल शिलान्यास किया था जिसको बनाने का कार्य सीएनडीएस को दिया गया था। जनता का कहना है कि बक्खाखेड़ा में 4.85 करोड़ से बनाए जा रहे डंपिंग ग्राउंड के निर्माण की रफ्तार काफी धीरे हैं।

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