उन्नाव में झटका लगने पर बस से गिरा युवक, कुचलकर हुई मौत

0
56

उन्नाव:- उन्नाव में बस के गेट पर खड़े युवक को अचानक झटका लगने से वह नीचे गिर गया और बस उसे कुचलते हुए गुजर गई। मौके पर ही उसकी मौत हो गई। हादसे के कारण उन्नाव शहर के मुख्य मार्ग पर करीब पौन घंटे जाम लगा रहा और चालक बस छोड़कर भाग गया जिसके बाद पुलिस ने बस को कब्जे में लिया है। जनपद उन्नाव के पुरवा कोतवाली क्षेत्र के मोतीखेड़ा ऊंचगांव किला निवासी सुनील लोधी (32) माखी थानाक्षेत्र के रग्घाखेड़ा निवासी चचेरी बहन माया देवी की बेटी सोनम की शादी में जा रहा था। उसके साथ छोटा भाई मनोज, पांच साल की बेटी सिमरन, चाची राजेश्वरी, गुड्डी, चचेरी भाभी श्रीकांती और बुधाना भी थीं। परिवार के अन्य सदस्य सीट पर बैठे थे जबकि सुनील बस के गेट पर खड़ा था। सदर कोतवाली क्षेत्र में नार्मल स्कूल के पास बस के चालक ने ब्रेक लगाई तो झटका लगने से सुनील अनियंत्रित होकर सड़क पर गिर गया और बस के पिछले पहियों के नीचे आकर उसकी मौत हो गई। घटना के बाद कोहराम मच गया। पीछे से आ रहे अन्य वाहन जहाँ के तहां खड़े हो गए और इससे जाम लग गया। सदर कोतवाल फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और शव को हटवाया। कोतवाल ओपी राय ने बताया कि शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है तहरीर मिलने पर कार्यवाही की जाएगी।

यात्रियों ने बताई लापरवाही

यात्रियों के अनुसार आवास विकास कालोनी के सामने बस चालक ने चार लोगों को उतारा। इसके बाद रेलवे क्रॉसिंग के पास कुछ लोगों को उतारा। सुनील भी हरदोई पुल पर उतरने के लिए करीब 200 मीटर पहले ही बस के दरवाजे पर खड़ा हो गया। इसी दौरान बस के सामने एक चार पहिया गाड़ी आने से चालक ने ब्रेक लगाई और तेज झटका लगने से सुनील का हाथ छूटा और वह हादसे का शिकार हो गया।

हादसे की मुख्य वजह

  • परिचालक के इशारे पर चालक निर्धारित स्थान आईबीपी चौराहा पहुंचने से पहले ही जगह-जगह बस रोककर यात्रियों को उतार रहा था।
  • परिचालक ने यात्रियों को उतारने के बाद बस का दरवाजा (गेट) नहीं बंद किया जो यात्रियों की सुरक्षा के लिए जरूरी नियम है।
  • चालक इन यात्रियों को उतारने के बाद एक और फेरा लगाने के लिए पुरवा रूट के यात्रियों को बैठाकर फेरा पूरा करने की जल्दबाजी में था।
  • जिस सड़क पर हादसा हुआ वह शहर का मुख्य मार्ग है और भीड़ रहती है। इसके बाद भी चालक जल्दी पहुंचने के लिए बस को तेजी से चलाकर वाहन आने पर तेज ब्रेक लगा रहा था।

पत्नी कर रही थी इंतजार

परिजनों की खुशियां मातम में बदल गई। दुर्घटना के बाद मृतक की पांच साल की बेटी, भाई और अन्य परिजन बदहवास हो गए। सुनील की पत्नी पुष्पा एक दिन पहले ही एक साल के बच्चे और छोटी बेटी लक्ष्मी के साथ चचेरी ननद के घर गई थी। बुधवार को वह पति, बड़ी बेटी सिमरन और अन्य परिजनों के आने का इंतजार कर रही थी। सुनील की मौत की खबर से कोहराम मच गया।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here