13 साल जेल में रहने के बाद हाईकोर्ट ने किया बरी और सरकार से कहा गलती के लिये युवक को 42 लाख का मुआवजा भी दो।

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मध्यप्रदेश के बालाघाट निवासी चंद्रेश मर्सकोले पर अपनी प्रेमिका की हत्या और उसके शव को नदी में फेंकने का आरोप था। घटना 19 अगस्त 2008 की है। भोपाल की अदालत ने 31 जुलाई 2009 को चंद्रेश को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।

मध्यप्रदेश में एक निर्दोष व्यक्ति को लगभग 13 साल जेल में काटने पड़े हैं। अब हाई कोर्ट ने उसे बाइज्जत बरी किया है और सरकार को उसे 42 लाख रुपये मुआवजा देने के आदेश भी दिए है।

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