जनपद उन्नाव में भूमाफियाओ के लिए सोना बन गई रेतीली जमीन

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उन्नाव:- लखनऊ और कानपुर के बीच स्थित जनपद उन्नाव में सदर तहसील के शुक्लागंज क्षेत्र के विकास में 15 वर्षों में काफी तेजी आई है। लखनऊ-कानपुर राष्ट्रीय राजमार्ग और गंगा बैराज मार्ग से नजदीकी के कारण इस क्षेत्र की रेतीली भूमि ‘सोना’ साबित हो गई और जमीन की बढ़ी मांग भूमाफिया के लिए वरदान साबित हो गई। विकासशील क्षेत्र में व्यवसायिक और आवासीय जरूरतों के लिए प्लॉटों की मांग बेतहाशा बढ़ी और भूमाफियाओ ने अवैध तरीके से जमीनें खरीदनी और कब्जा करनी शुरू कर दीं और देखते ही देखते करोड़पति हुए गंगाघाट कोतवाली क्षेत्र के 16 में से 10 भूमाफिया जनपद कानपुर के रहने वाले हैं इनमें से कई बड़े रसूखदार भी हैं। जिसमें डॉ. नसीम अहमद केडीए कालोनी जाजमऊ कानपुर, दिलशाद श्याम नगर कानपुर, वीरेंद्र चतुर्वेदी अहमद नगर शुक्लागंज, मो. सलीम गदियाना रामादेवी कानपुर, दिव्या अवस्थी शक्तीनगर शुक्लागंज, तैय्यब कुरैशी यतीमखाना कानपुर, नैकानीलाल नया खेड़ा शुक्लागंज, नौशाद लारी जाजमऊ कानपुर, जगदीश कुमार सनिगंवा कानपुर, रिजवान सोलंकी जाजमऊ कानपुर, जियालाल सुखलाल खेड़ा शुक्लागंज, बाबूराम बालभद्रखेड़ा शुक्लागंज, डा. सारिक केडीए कानपुर, महफूज जाजमऊ कानपुर, श्रीपाल आजाद नगर शुक्लागंज, राजकुमार, लक्ष्मीकांत सफीपुर, ओमप्रकाश असोहा, राजेश मंगतखेड़ा पुरवा उन्नाव, रामू माखी, सुनील चकेरी कानपुर और रनवीर सिंह बिहार उन्नाव शामिल हैं।

जनपद उन्नाव के शुक्लागंज थानाक्षेत्र में 1994 में गंगा बैराज, 2009 में ट्रांसगंगा सिटी, आजाद मार्ग का चौड़ीकरण, 2016 में उन्नाव-शुक्लागंज मार्ग का चौड़ीकरण, ट्रांसगंगा सिटी में स्पेशल इकोनॉमिक जोन और आवासीय योजनाओं पर काम शुरू होने के बाद गंगा तराई क्षेत्र की जमीनों की कीमतें बढ़ती गई। कानपुर, लखनऊ और हरदोई सहित अन्य जनपद के लोगों में गंगा बैराज, लखनऊ-कानपुर राजमार्ग, उन्नाव शुक्लागंज रोड के आसपास जमीन खरीदने की काफी होड़ मच गई। बीरबल गुजराती के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई कर मंगलवार को 4.27 करोड़ की अचल संपत्ति कुर्क की तो अन्य भूमाफियाओं में हड़कंप मच गया। जनपद के पुलिस अधीक्षक दिनेश त्रिपाठी ने बताया कि कई बड़े भूमाफिया रडार पर हैं। जनपद के सभी सीओ और कोतवाली प्रभारियों से निष्पक्ष कार्रवाई के लिए कहा गया है।

भूमाफिया बीरबल गुजराती ने संपत्ति पर लिया है 20 करोड़ का लोन

बीरबल गुजराती मूल रूप से गुजरात का रहने वाला है। उसके पिता गंगाराम गुजरात में किराना का काम करते थे। इसके बाद कानपुर में कपड़े के व्यापार के सिलसिले में 1972 में यहां आए। कानपुर से नजदीक होने के कारण शुक्लागंज के चंपापुरवा में उन्होंने मकान बनवाया। गुजरात के मूल निवासी होने से नाम के आगे गुजराती लिखने लगे। बीरबल गंगा रेती पर कब्जा कर उसे ठेके पर उठाता था और इसके बाद जमीन के कारोबार में आ गया। जनपद उन्नाव के शातिर बीरबल गुजराती ने अवैध रूप से बनाई गई संपत्ति पर अलग-अलग बैंकों से लोन ले लिया है। सूत्रों के अनुसार उस पर उन्नाव और कानपुर की अलग-अलग बैंकों का करीब 20 करोड़ रुपये ऋण है। इस पर दो माह पहले यूको बैंक सहित अन्य बैंकों ने संपत्ति बिक्री पर रोक लगाने के लिए संपत्ति बैंक में बंधक होने की नोटिस भी चस्पा की थी। बीरबल गुजराती को पुलिस काफी दिनों से तलाश कर रही थी लेकिन वह हाथ नहीं लगा। पुलिस ने शिकंजा कसा तो उसने 21 अक्तूबर 2021 को न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया था। न्यायालय ने उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया था हालांकि डेढ़ महीने बाद ही वह जमानत पर बाहर आ गया था। उस पर इस समय दस से अधिक गंभीर मुकदमे दर्ज हैं।

लेडी डॉन के नाम से मशहूर दिव्या अवस्थी की कुर्क हुई थी 14 करोड़ की संपत्ति

जनपद उन्नाव के शुक्लागंज के रामनगर पोनी रोड निवासी कन्हैया अवस्थी और उनकी पत्नी दिव्या अवस्थी और भाई राघवेंद्र अवस्थी का नाम भी भूमाफिया की लिस्ट में आया तो प्रशासन ने सख्ती की जिसके बाद जमीन के अवैध कारोबार का खुलासा करने पर 19 जून 2020 को शुक्लागंज निवासी पत्रकार शुभम त्रिपाठी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस हत्या में जनपद उन्नाव की लेडी डॉन के नाम से मशहूर दिव्या अवस्थी और उनके पति कन्हैया अवस्थी और राघवेंद्र अवस्थी को पुलिस ने 30 जून 2020 को गिरफ्तार कर जेल भेजा था इसके बाद उनपर गैंगस्टर भी लगाया गया था और 17 दिसंबर 2020 को तीनों की 14 करोड़ 85 लाख 79 हजार रुपये की संपत्ति कुर्क की गई थी।

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