Corona की तीसरी लहर के बहुत करीब है देश, ओमीक्रोन के साथ इन आंकड़ों ने जनता की बढ़ाई चिंता।

0
190

आशंका जताई जा रही है कि कोरोना की तीसरी लहर देश में दस्तक दे चुकी है। पिछले एक सप्ताह में कोरोना मामलों में अभूतपूर्व रूप से 181% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

देश में कोरोना संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। साथ ही ओमीक्रोन संक्रमितों की संख्या में भी लगातार बढ़ोतरी देखने को मिल रही है।

रविवार को खत्म हुए सप्ताह के दौरान पिछले 7 दिन में ही कोरोना के मामलों में तीन गुना बढ़ोतरी दर्ज की है। Omicron को लेकर IIT Kanpur की जाता स्टडी में ये बात निकलकर सामने आई है कि कोरोना का जो नया वेरिएंट ओमिक्रोन आया है, ये कोरोना की तीसरी लहर भी लेकर आएगा।

उसका पीक फरवरी के महीने में होगा। ओमीक्रोन वेरिएंट डेल्‍टा से भी संक्रामक है, यह महामारी की अगली लहर लेकर ही आएगा, ऐसी चेतावनी एक्‍सपर्ट्स दे रहे हैं।

भारत में पहला ओमीक्रोन केस 2 दिसंबर को पता चला था। एक्‍सपर्ट्स कह रहे हैं कि कोरोना वायरस की तीसरी लहर आनी तय है, बस सावधानियां बरत कर उसे कमजोर किया जा सकता है। दिल्‍ली में भले ही मामले बढ़ रहे हों मगर लोग लापरवाह भी हो रहे हैं।

कोविड नियमों का पालन न करने पर जुर्माने के आंकड़े तो कुछ यही कहते हैं। बाजारों, मॉल्‍स और पब्लिक प्‍लेसेज पर लोग बिना मास्‍क के घूम रहे हैं। बता दें कि ओमिक्रॉन वैरिएंट से संबंधित तीन पहलू हैं। पहली बात तो यह कि यह ज्‍यादा संक्रामक है।

डेल्‍टा वैरिएंट की तुलना में यह करीब चार गुना ज्‍यादा संक्रामक है। ऐसे में लोगों को ज्‍यादा सावधानी रखनी होगी, यदि कोई संक्रमित, दूसरे से मिलेगा। वैसे भी यह शादी-पार्टी का टाइम है, ऐसी स्थिति में बीमारी फैलने का जोखिम ज्‍यादा रहेगा। दूसरी बात जिसे उत्‍साहवर्धन माना जा सकता है, वह यह कि इस वैरिएंट के कारण लोग गंभीर रूप से बीमार नहीं हो रहे।

डेल्‍टा वैरिएंट के कारण जहां ज्‍यादा लोगों को अस्‍पताल में भर्ती करने (करीब एक चौथाई) की नौबत आ रही थी वहीं ओमिक्रॉन में ऐसा नहीं है। ओमिक्रॉन से प्रभावित 100 में से केवल पांच लोगों को ही अस्‍पताल दाखिल होने की नौबत आ रही और इन पांच लोगों में भी लक्षण कम हैं’।

ओमिक्रॉन वैरिएंट की पहचान करने वाले दक्षिण अफ्रीकी डॉक्टर एंजेलिक कोएत्जी ने कहा है ओमिक्रॉन की वजह से भारत में कोविड के मामलों में वृद्धि होगी, लेकिन इसका संक्रमण हल्का होगा।

कोएत्जी ने कहा कि इसकी पॉजिटिविटी रेट ज्यादा होगी लेकिन उम्मीद है कि इसके अधिकांश मामले उतने ही हल्के होंगे जितने हम यहां यहां दक्षिण अफ्रीका में देख रहे हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here