7 लाख का कर्ज नही चुका पाया तो 46 लाख मे नीलाम कर दी किसान की जमीन, किसानों के कर्ज माफी की पोल खोलती राजस्थान सरकार।

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राहुल गांधी रैलियों में उंगलियों पर 10 गिनते हैं और कहते हैं कि किसानों की कर्जमाफी उनके लिए बस इतना सा ही काम है लेकिन कांग्रेस शासित राजस्थान में ही किसान की जमीन नीलाम हो रही है। किसान किसान करते हैं और किसानों को धोखा देते हैं। ये बात कांग्रेस की सरकार वाले राज्य राजस्थान के किसान कह रहे हैं।

कांग्रेस सरकार को सत्ता संभाले तीन साल से भी ज्यादा समय हो गया, लेकिन अब तक किसानों का कर्ज माफी का वादा पूरा नहीं हो सका है। सिर्फ 24 दिन पहले की बात है जब राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राष्ट्रीय बैंकों को किसानों का लोन माफ करने का प्रस्ताव भेजा।

प्रस्ताव ये था कि जैसे SBI ने किसान के लोन का 90 फीसदी पैसा माफ किया उसी तरह बाकी के राष्ट्रीय बैंक किसानों का कर्ज माफ करें और किसान के हिस्से का बाकी 10 प्रतिशत कर्ज राज्य सरकार भरने को तैयार है।

दरअसल, सूबे में दौसा जिले के जामुन की ढाणी निवासी एक किसान परिवार की 15 बीघा दो बिस्वा (करीब चार हेक्टेयर) जमीन अधिकारियों ने नीलाम कर दी। किसान परिवार के मुखिया कजोड़ मीणा ने करीब पांच साल पहले दौसा जिले के रामगढ़ पचवारा में स्थित राजस्थान मरुधरा ग्रामीण बैंक से किसान केडिट कार्ड से सात लाख रुपये का कर्ज लिया था।

इसी बीच, कजोड़ की मौत हो गई। इसके बाद बैंक के अधिकारियों ने किसान के दो बेटों राजूलाल और पप्पूलाल को पैसा जमा करवाने के लिए चार बार नोटिस दिया, लेकिन आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण वह कर्ज नहीं चुका सके। दोनों बेटों की आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं थी कि वो कर्ज चुका सके।

एक उम्मीद थी गहलोत सरकार से कि वादे के मुताबिक कर्ज माफ हो जाएगा लेकिन ऐसा हुआ नहीं और जमीन नीलाम हो गई। केन्दीय मंत्री स्मृति ईरानी और पीयूष गोयल ने राजस्थान के दौसा में किसान की नीलाम हुई जमीन को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है और कहा है कि किसानों के प्रति राजस्थान सरकार ने क्रूरता की हद पार कर दी है।

राजूलाल और पप्पूलाल के सामने आज सबसे बड़ी चुनौती है कि वो परिवार का पेट कैसे भरें। उनके पास 15 बीघा 2 बिसवा जमीन थी जिस पर वो खेती करते थे। उनकी ये जमीन 46 लाख 51 हजार रुपये में नीलाम हुई। नीलामी का आदेश रामगढ़ पचवारा SDM कार्यालय की ओर से जारी किया गया।

किसान की जमीन की नीलामी की प्रक्रिया तहसील कार्यालय में पूरी हुई। किसान के बेटों की आत्महत्या वाली बात राजस्थान में आग की तरह फैली, बात विपक्ष में बैठी बीजेपी तक पहुंची। बीजेपी ने किसान की पुकार राजस्थान की कांग्रेस सरकार तक पहुंचाई।

राजस्थान सरकार का कहना है कि जिन किसानों की जमीन नीलाम हो रही है वो कर्जमाफी के नियमों से बाहर हैं। कर्जमाफी सिर्फ 2 लाख रुपये तक ही हुई है। यानी सरकार ने ऐलान कर दिया कि 2 लाख से अधिक जिन किसानों पर बैंक का कर्ज बाकी है। वो नीलामी के लिए तैयार रहें।

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