नगालैंड की दुर्भाग्यपूर्ण घटना पर नगालैंड सरकार मारे जाने वालों के परिवार को 5-5 लाख रुपये का मुआवजा देने का ऐलान किया है।

0
197

नगालैंड के मोन जिले में ओटिंग गांव के ग्रामीणों पर सेना की 21 पैरा स्पेशल फोर्स ने ‘खुली गोलियां चलाई’ जिसमें 14 नागरिक मारे गए। ये मामला अब देश की संसद तक पहुंच गया है। विपक्ष ने जहां इस मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरने की कोशिश की है, वहीं राज्‍य के मुख्‍यमंत्री नेफ्यू रियो ने AFSPA हटाने की मांग की है।

नगालैंड के मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो सोमवार को मोन जिले में सुरक्षाबलों की फायरिंग से मरने वाले नागरिकों को अंतिम विदाई देने पहुंचे। इस दौरान उन्होंने एक बार फिर से राज्य में आर्म्ड फोर्सेज स्पेशल पावर एक्ट यानी AFSPA को हटाने की मांग की।

रियो ने कहा कि उग्रवाद पर नियंत्रण पाने के लिए यह कानून लागू किया गया था तो फिर अब तक यह क्यों वापस नहीं लिया गया। दरअसल आर्म्ड फोर्स स्पेशल पावर एक्ट नगालैंड में कई दशकों से लागू है। सन् 1958 में संसद ने ‘अफस्पा ‘ यानी आर्म्ड फोर्स स्पेशल पावर ऐक्ट लागू किया था।

भारत में संविधान लागू होने के बाद से ही पूर्वोत्तर राज्यों में बढ़ रहे अलगाववाद, हिंसा और विदेशी आक्रमणों से प्रतिरक्षा के लिए मणिपुर और असम में 1958 में AFSPA लागू किया गया था। सन् 1972 में कुछ संशोधनों के बाद असम, मणिपुर, त्रिपुरा, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, मिजोरम और नगालैंड सहित समस्त पूर्वोत्तर भारत में लागू किया गया था।

बता दें कि केंद्र सरकार ने सोमवार को संसद में यह स्वीकार कर लिया कि नगालैंड में सेना की फायरिंग एक गलती थी। सेना की फायरिंग में 14 नागरिकों की मौत के बाद विपक्ष ने संसद में सरकार से जवाब मांगा था। गृहमंत्री अमित शाह ने लोकसभा में इस घटना पर सरकार का पक्ष रखा।

उन्होंने कहा- सेना ने नागरिकों को पहचानने में गलती की। इस घटना की जांच के लिए SIT बनाई जाएगी, जो एक महीने के अंदर रिपोर्ट सौंपेगी। 4 दिसंबर को नगालैंड के ओटिंग में सेना चरमपंथियों के खिलाफ एक ऑपरेशन को अंजाम दे रही थी। सेना ने एक गाड़ी को रुकने का इशारा किया, कमांडोज को शक था कि इसमें चरमपंथी हैं।

21 कमांडोज ने फायरिंग शुरू कर दी। इस फायरिंग में 7 की मौत हो गई। घटना के विरोध में लोगों ने कमांडोज को घेर लिया और गाड़ियों में आगजनी करने लगे। एक जवान की मौत हो गई। भीड़ को संभालने के लिए की गई फायरिंग में 7 लोग और मारे गए।

नागरिक हत्याओं पर आक्रोश के बीच नगालैंड सरकार ने मोन जिले में मारे जाने वालों के परिवार को 5-5 लाख रुपये का मुआवजा देने का ऐलान किया है। नगालैंड के परिवहन मंत्री पैवंग कोनयक ने रविवार रात को ग्राम समिति के चेयरमैन को मुआवजे की राशि सौंप दी है। कोनयक ने यह भी बताया कि घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक मदद दी गई है। ‘

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here