चेन्नई में 11वीं की छात्रा के सुसाइड नोट में लिखा मिला- मां के गर्भ और कब्र में ही सुरक्षित हैं लड़कियां’।

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आज के दौर में हम महिला और पुरुषों की समानता की बात करते हैं, मगर इसी समाज की नई पीढ़ी की लड़कियां शोषण और प्रताड़ना से जंग लड़ रही है। परिवार और समाज में उपहास के डर से बेटियां अपनी पीड़ा किसी ने नहीं कह पाती। नतीजतन, तंग आकर वे खुदकुशी जैसे कठोर कदम उठाने को मजबूर हो जाती है।

एक ऐसी ही बटी की मार्मिक घटना तमिलनाडु के चेन्नई के बाहरी इलाके मंगडु की रहने वाली 11वीं क्लास की एक छात्रा से सामने आई है। 11वीं कक्षा में पढ़ने वाली एक छात्रा ने कथित रूप से आठ माह तक शारीरिक शोषण और पीछा किए जाने का दंश झेला और फिर जिंदगी से हार मान ली।

छात्रा के पास एक सुसाइड नोट भी मिला है। जिसे पढ़ किसी का भी दिल दहल जाये। इस सुसाइड नोट में कहा गया है कि एक लड़की केवल मां के गर्भ और कब्र में सुरक्षित होती है। पत्र में लड़की ने अपने अकथनीय दर्द और हताशा को प्रकट किया है।

पत्र पढ़कर उसके साथ यौन उत्पीड़न की वजह से उसकी मानसिक स्थितियों को समझा जा सकता है। किशोरी किस मानसिक दौर से गुजर रही थी उसका अंदाजा उसके परिवार को भी नहीं था। कमरे में मिले नोट में किशोरी ने यह भी कहा कि स्कूल सुरक्षित नहीं है और शिक्षकों पर भरोसा नहीं किया जा सकता है।

उसने लिखा कि वह मानसिक प्रताड़ना के कारण न तो पढ़ पा रही थी और न ही सो पा रही थी। स्कूली छात्रा ने लिखा, “हर माता-पिता को अपने बच्चों और बेटों को लड़कियों का सम्मान करना सिखाना चाहिए।” किशोरी का सुसाइड नोट, यौन उत्पीड़न बंद करो और “जस्टिस फॉर मी” के साथ समाप्त हुआ।

चेन्नई में कथित यौन उत्पीड़न के आरोप में कॉलेज की एक पुरुष छात्रा को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने बताया कि युवक ने कबूल किया है कि उसने नाबालिग लड़की के साथ शारीरिक संबंध बनाए थे। पिछले दो हफ्तों से वह उसे परेशान और प्रताड़ित कर रहा था। सुसाइड नोट के आधार पर पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि कहीं लड़की को और लोगों ने परेशान तो नहीं किया।

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