उड्डयन मंत्री ने कहा नोएडा हवाईअड्डा दिल्ली से आगे निकलेगा, 1 लाख नौकरियां पैदा करेगा, राष्ट्र के विकास में भी होगा मदद !

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यह प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी का निर्देश था कि उत्तर प्रदेश में एशिया का सबसे बड़ा हवाई अड्डा बनाया जाना था, केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने आज नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के शिलान्यास समारोह में उल्लेख किया, जिसमें उन्होंने कहा कि एक लाख रोजगार के अवसर पैदा होंगे।

श्री सिंधिया ने कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में गौतम बौद्ध नगर जिले के जेवर में स्थित हवाई अड्डा, 34,000 करोड़ रुपये का निवेश लाएगा और ग्रीनफील्ड परियोजना का पहला चरण 2024 में पूरा होने की उम्मीद है, जिसमें सालाना 1.2 करोड़ यात्रियों को संभालने की क्षमता होगी।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पिछले 70 वर्षों से उत्तर प्रदेश में केवल दो एयरपोर्ट थे, लेकिन अब जेवर एयरपोर्ट पिछले सात वर्षों में राज्य में बनने वाला 10वां एयरपोर्ट होगा। जल्द ही राज्य में 17 एयरपोर्ट देखने को मिलेंगे। पहले, केवल 25 गंतव्यों को कवर किया गया था, लेकिन अब 80 गंतव्यों को कवर किया गया है।

जेवर एयरपोर्ट इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर पड़ने वाले बोझ को कम करेगा और दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, अलीगढ़, आगरा, फरीदाबाद और पड़ोसी क्षेत्रों के लोगों को आवाजाही में मदद करेगा।“ विकास के अंतिम चरण तक, नोएडा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय (IGI) हवाई अड्डे को भी पीछे छोड़ देगा और भारत का प्रमुख हवा ई अड्डा बन जाएगा,” श्री सिंधिया ने सभा को बताया।

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के बनने से युवाओं को रोजगार भी मिल सकेगा। आसपास के इलाकों-अलीगढ़, हापुड़, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद और बुलंदशहर जैसे जिलों के युवाओं के लिए रोजगार का अवसर और बढ़ने की संभावना है। अधिकारियों की मानें तो एयरपोर्ट की वजह से तकरीबन एक लाख नई नौकरियां पैदा हो सकती हैं।

लोकेशन के हिसाब से देखें तो भी नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट काफी अहम है। दिल्ली से जहां सिर्फ 72 किलोमीटर की दूरी पर है तो आगरा से इसकी दूरी 130 किलोमीटर की होगी। वहीं, ग्रेटर नोएडा से 28 और नोएडा से 40 किलोमीटर की दूरी पर एयरपोर्ट स्थित होगा।

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