अविश्वसनीय अनुभव’: अर्धसैनिक, सैन्य कर्मियों ने पुलवामा में अमित शाह के साथ खाया खाना।

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अमित शाह ने मंगलवार को लेथपोरा सीआरपीएफ कैंप में भारतीय सेना, सीआरपीएफ, आईटीबीपी, बीएसएफ और एसएसबी के जवानों के साथ बीती रात सीआरपीएफ कैंप में ही रुके और जवानों के साथ खाना खाया। इसकी जानकारी उन्होंने ट्वीट कर दी और कहा कि मैं अर्धसैनिक बलों के जवानों के साथ समय बिताना चाहता था।

सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि यह बातचीत जम्मू-कश्मीर की उनकी तीन दिवसीय यात्रा का सर्वोच्च बिंदु है। “मैं यहां आकर आप सभी से मिलना चाहता था; अपने अनुभवों, कठिनाइयों और देश की रक्षा के लिए आपकी भावना को समझें। इसलिए मैं यहां आया,” शाह ने अर्धसैनिक और सैन्य कर्मियों की सभा को संबोधित करते हुए कहा।

पुलवामा पहुंचने के बाद अमित शाह (Amit Shah) ने कश्मीर में आतंकवाद और पत्थरबाजी की घटनाओं पर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ मोदी सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति है और आम जनता को बचाना हमारी प्राथमिकता है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि पहले कश्मीर में पथराव की घटनाएं सामने आती थीं, हालांकि आज स्थिति अलग है।

सीआरपीएफ कैंप का दौरा करने के दौरान अमित शाह ने कहा, ‘एक समय था जब कश्मीर में पथराव होता था। आज ऐसी घटनाओं की संख्या में काफी कमी आई है। यह मानवता के खिलाफ है और हम इसे बर्दाश्त नहीं कर सकते।’

अमित शाह (Amit Shah) ने कहा, ‘2014 से 2021 के बीच आतंकी हमलों में मौत और जवानों की शहादत में कमी आई है। साल 2004 से 2014 के बीच आतंकी घटनाओं में 208 नागरिक सालाना मारे गए थे, जबकि 2014 से 2021 के बीच इन आंकड़ों में कमी आई है। इस दौरान सलाना 60 जवान शहीद हुए और आम नागरिकों की संख्या केवल 30 रह गई है।

उन्होंने कहा, ‘अगर शांति हो, सुरक्षा हो और विकास के लिए ठान लिया हो तो क्या हो सकता है ये जम्मू कश्मीर ने बता दिया है। हम विकास पर सफलतापूर्वक आगे बढ़ेंगे।

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